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British shasan in chhattisgarh(ब्रिटिश शासन छत्तीसगढ़)

 British shasan in chhattisgarh

(ब्रिटिश शासन छत्तीसगढ़)


मराठा शासक रघुजी तृतीय के देहांत के बाद गवर्नर जनरल लार्ड डलहौजी ने हड़पनीति के तहत 13 मार्च 1854 में नागपुर साम्राज्य को ब्रिटिश राज्य में शामिल कर लिया। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में मराठा शासन का अंत हो गया।  छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन की शुरुवात हुआ।








 ब्रिटिश शासन का छत्तीसगढ़ में शासन की शुरुवात -


रघुजी तृतीय निःसंतान होने के कारण उनकी मृत्यु के बाद ब्रिटिश गवर्नर लार्ड डलहौजी ने अपनी साम्राज्यवादी निति के तहत नागपुर को ब्रिटिश राज्य में विलय कर दिया।  ब्रिटिश रेजिडेंट ने नागपुर राज्य के प्रशासन का दायित्व 13 मार्च 1854  को अपने हाथों में ले लिया।  रेजिडेंट मेन्सल ब्रिटिश अधीन नागपुर राज्य के प्रथम कमीशनर बने।



British shasan in chhattisgarh(ब्रिटिश शासन छत्तीसगढ़)




ब्रिटिश राज्य के नागपुर को अपने अधिकार में लेने के साथ ही छत्तीसगढ़ भी स्वतः ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन आ गया। छत्तीसगढ़ के अंतिम जिलेदार गोपाल राव ने ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि को शासन का भार सौंप दिया।  छत्तीसगढ़ में डिप्टी कमिश्नर को नियुक्त किया गया।  सर चार्ल्स सी इलियट छत्तीसगढ़ के प्रथम डिप्टी कमिश्नर बने।  



इस प्रकार छत्तीसगढ़ में सन 1854 में अंग्रेजी हुकूमत की स्थापना हुई जो सन 1947 तक रहा। 


ब्रिटिश शासन के प्रशासनिक कार्य -


सन 1855 में ब्रिटिश सरकार ने छत्तीसगढ़ को आरम्भ में एक जिला का दर्जा दिया।  जिले का प्रमुख अधिकारी डिप्टी कमिश्नर को नियुक्त किया गया। जिले के लिए पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया।

सहायक कमिश्नर-


डिप्टी कमिश्नर के सहायता के लिए सहायक कमिश्नर के पद सृजित किये जो भारतियों के आरक्षित था।  इस प्रावधान के अंतर्गत रायपुर और बिलासपुर में सहायक कमिश्नर नियुक्त हुए -



बिलासपुर के लिए सहायक कमिश्नर - गोपाल राव 

रायपुर के लिए सहायक कमिश्नर - मोहिबूब उल हसन 


तहसीलदारी व्यवस्था -


छत्तीसगढ़ में नवीन प्रशासनिक पदों का निर्माण किया गया। इसी क्रम में तहसील व्यवस्था की शुरुवात हुई।  ब्रिटिश अधीन छत्तीसगढ़ में 3 तीन तहसीलों का गठन किया।

ये तहसील है - 1. रायपुर 2. धमतरी 3. रतनपुर। 

प्रत्येक का एक प्रमुख होता था जिसे तहसीलदार कहते थे।  तहसीलदार का पद भारतियों के लिए आरक्षित था।



परगना व्यवस्था -

ब्रिटिश अधिकारियों ने तहसील को परगनों में विभाजित किया।  एक तहसील के अंतर्गत कई परगना होते थे।  जिसका प्रमुख नायब तहसीलदार कहलाता था।  यह पद भी भारतियों के लिए था।




तहसील व्यवस्था का पुनर्गठन -

ब्रिटिश शासन में तहसीलदारी व्यवस्था का पुनर्गठन 01 फरवरी 1857 में किया और धमधा तथा नवागढ़ तहसीलों का गठन किया।  बाद में धमधा की जगह दुर्ग को तहसील बना दिया और तहसील मुख्यालय भी धमधा की जगह दुर्ग को बना दिया। 


जिलेदारी व्यवस्था -


छत्तीसगढ़ में जिलेदारी व्यवस्था की शुरुवात सन 1861 से हुई। 2 नवम्बर 1861 को नागपुर और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर केन्द्रीय प्रान्त का गठन किया गया जिसे मध्य प्रान्त (Central Province) का नाम दिया गया।  मध्यप्रांत में एक चीफ कमिश्नर नियुक्त किया गया। 



वर्ष 1862 में छत्तीसगढ़ को स्वतंत्र संभाग बना दिया गया।  छत्तीसगढ़ संभाग में एक कमिश्नर के अधीन रखा गया। छत्तीसगढ़ संभाग का मुख्यालय रायपुर को बनाया गया।


छत्तीसगढ संभाग  में तीन जिलों को रखा गया -
ये जिलें है - 1. रायपुर 2. बिलासपुर 3. संबलपुर 



भौगोलिक परिवर्तन -



सन 1905 में संबलपुर जिला को बंगाल प्रान्त में शामिल कर लिया गया। छोटा नागपुर क्षेत्र के  पांच रियासतों को बंगाल से लेकर छत्तीसगढ़ संभाग में शामिल कर लिया।  पांच रियासतें है -

1. चांग-भखार 
2. कोरिया 
3. सरगुजा 
4. उदयपुर 
5. जशपुर

सन  1906 में क्षेत्र परिवर्तन में भी छत्तीसगढ़ मध्यप्रांत का भाग बना रहा।  1906 में दुर्ग को छत्तीसगढ़ का तीसरा जिला बनाया गया।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में रायपुर - बिलासपुर -दुर्ग  जिलें अस्तित्व में थे। 



राजस्व निती -


सन 1856 में ब्रिटिश शासन काल में करों को चार भागों में विभाजित किया -

1. भू - राजस्व 
2. आबकारी 
3. सायर (चुंगी कर)
4. पंडरी (गैर कृषि कर)


पुलिस प्रशासन -


छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था विकसित हुई कुछ इस प्रकार से -


  • छत्तीसगढ में पहली बार अंग्रेजों ने पुलिस मैन्युअल (Pulis Mannual) सन -1858 में लागू हुआ। 
  • सन 1862 में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया। 
  • रायपुर जेल 1854 में खोला गया। 
  • 1873 में बिलासपुर में जेल की स्थापना की गयी।  

न्याय विधान -


  • डिप्टी कमिश्नर दीवानी और फौजदारी दोनों मामले पर न्याय देते थे। 
  • आजीवन कारावास तहसीलदार एवं डिप्टी कमिश्नर को अधिकार प्राप्त था।

डाक व्यवस्था -


  • सन 1857 में रायपुर में स्मिथ को प्रथम पोस्ट मास्टर नियुक्त किया गया। 
  • रायपुर में डाकघर 

निष्कर्ष (Concution)-


छत्तीसगढ में ब्रिटिश शासन के दौरान कई नई व्यवस्था की सृजन किया गया और प्रशासन में कुशलता लायी गयी।  इस topic से अक्सर प्रश्न आ जाते है।  अतः आप इसे ध्यान से पढ़े। 




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